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फणीश्वरनाथ रेणु और मदन वात्स्यायन की जयंती पर गोष्ठी

मुजफ्फरपुर। साहित्यिक मंच मुजफ्फरपुर के तत्वावधान में  हिंदी के सुप्रसिद्ध कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु और तीसरा सप्तक के महत्वपूर्ण कवि मदन वात्स्यायन की जयंती पर गोष्ठी हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो (डॉ) सतीश कुमार राय ने रेणु की साहित्यिक-यात्रा पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्हें विश्व नागरिक  के रूप में व्याख्यायित किया। मदन वात्स्यायन के काव्य संग्रह शुक्रतारा की विशेष चर्चा की। 

फणीश्वर नाथ रेणु और मदन वात्स्यायन की जयंती पर गोष्ठी

डॉ चितरंजन ने कहा कि पाठकों को पुस्तकों की ओर लौटना होगा। मदन वात्स्यायन के साहित्य को लोगों के बीच पहुंचाने की बात कही। डॉ श्याम किशोर ने मैला आंचल उपन्यास,ठुमरी और संवादिया कहानी के माध्यम से रेणु के साहित्य के भीतर छिपे लोकतत्व को उजागर करते हुए समता प्रकाशन को याद किया। प्रो रमेश गुप्ता ने पंचलाइट और संवदिया कहानी की चर्चा करते हुए रेणु के प्रेमतत्व की ग्रामीण स्वीकृति को रेखांकित करते हुए परती परिकथा और मैला आंचल पर अपनी बात रखी। वक्ता के रूप में डॉ संतोष सारंग, संजय मयंक आदि ने भी अपने विचार रखे।

फणीश्वर नाथ रेणु और मदन वात्स्यायन की जयंती पर गोष्ठी

कार्यक्रम में डॉ नूतन कुमारी, डॉ आशा सिंह यादव, डॉ रामदुलार साहनी, आलोक कुमार, अविनाश चौधरी, डॉ हेमनारायण विश्वकर्मा ,अशोक गुप्त आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संयोजिका डॉ रिंकू कुमारी, स्वागत डॉ रविरंजन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शिवेन्द्र कुमार मौर्य ने किया। 

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